कांग्रेस के नेहरू कार्यक्रम में मोदी नहीं .....
ये बात सही है कि कांग्रेस की न तो रणनीति
अच्छी है और न ही मार्केटिंग! लोक सभा चुनाव में मिली शर्मनाक हार से भी
कांग्रेस कुछ नहीं सीख सकी है! 60 साल तक देश पर राज करने वाली कांग्रेस
शायद मोदी के कहर से कमजोर पड़ रही है! उसके सोचने समझने की शक्ति भी क्षीण
होती जा रही है वरना इतना अच्छा मौका उसने हाथ से जाने दिया जब वह अपना
बड़प्पन दिखाकर अपना कद थोड़ा बड़ा सकती थी और भाईचारे की मिसाल दे सकती थी!
नेहरू जयंती के कार्यक्रम में यदि कॉंग्रेस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को
न्योता दे देती तो छोटी नहीं हो जाती बल्कि उसकी इज्जत बढ़ती ही !
एक तरफ कांग्रेस ने नेहरू जयंती पर दुनिया
के 54 देशों के प्रमुखों को न्योता दिया लेकिन भारत के मुखिया नरेंद्र मोदी
को नहीं, जो कांग्रेस की छोटी सोच को दर्शाता है! या फिर कांग्रेस में
शिष्टाचार की कमी कह सकते हैं! कम से कम शिष्टाचार के नाते मोदी को न्योता
भेजा जा सकता था वो भी तब जबकि यह स्पष्ट था कि मोदी कार्यक्रम में नहीं
आने वाले थे क्योंकि वे आसियान यात्रा पर हैं!
कांग्रेस, मोदी सरकार से इस बात पर नाराज
है कि 31 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने सरदार पटेल की जयंती को काफी तवज्जो
दी वहीं इन्दिरा गांधी की अनदेखी कर दी! जबकि ज्ञात को जब कांग्रेस सत्ता
में थी तो 31 अक्टूबर को इन्दिरा की पुण्य तिथि के रूप में ही याद किया गया
है! मोदी के केंद्र में आते ही ये पहला मौका है कि दुनिया ने सरदार पटेल
का महत्व भी जाना!
तो इस बार कांग्रेस के लिए तो मौका अच्छा
था वह बीजेपी को भी थोड़ा नीचे दिखा सकती थी लेकिन हार से बौखलाई और उसके
बाद पीएम मोदी द्वारा महात्मा गांधी और सरदार पटेल की जयंती पर देश व्यापी
कार्यक्रम कर वाह वाह लूट ली और कांग्रेस को महसूस हुआ कि उनके पटेल- गांधी
भी मोदी उनसे छीन रहे हैं! या फिर मोदी के बढ़ते कद से कांग्रेस तिलमिला
गयी है! खैर जो भी है, लेकिन यह सच है कि कांग्रेस का ये रवैया उसे गर्त
में धकेल रहा है!
वहीं पीएम मोदी ऐसे अवसरों को भुनाना बखूबी
जानते हैं! मोदी अपनी रणनीति से अपने विरोधियों को भी अपना मुरीद बना लेते
हैं! कांग्रेस राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपनी धरोहर समझती है, उन्हीं
की जयंती पर मोदी ने “स्वच्छ भारत” अभियान देश भर में चलाया और बड़ी
शख़्सियतों को तो इस आंदोलन से जोड़ा ही वहीं कांग्रेस समेत विपक्षी दलों को
भी जोड़ लिया! और सबकी तारीफ के पात्र बन गए!
वहीं मोदी लगातार “सबका साथ, सबका विकास”
की राजनीति कर रहे हैं और समय समय पर कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों को
साथ लेकर चलते हैं! वहीं पीएम मोदी शिष्टाचार और बड़े दिल का भी प्रदर्शन
करते हैं! इसकी बानगी सबसे पहले देखने मिली लोकसभा के पहले सत्र में
सांसदों के शपथग्रहण में पीएम मोदी और लालकृष्ण आडवाणी के बाद सोनिया गांधी
का शपथग्रहण हुआ! 16वीं लोकसभा के पहले दिन मोदी ने विपक्षी बेंच के पास
जाकर सोनिया गांधी का अभिवादन भी किया! वहीं प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम
मोदी पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से मिलने उनके घर भी गए और हाल ही में मनमोहन
सिंह को जापान का सर्वोच्च सम्मान मिलने पर उन्हें बधाई भी दी साथ ही
मनमोहन सिंह के जन्म दिन पर भी उन्हें बधाई दी! यह मोदी के बड़े दिल और खुली
सोच को दर्शाता है, जो उन्हें हर दिल अजीज बना रहा है और वह देश के साथ
विदेशों में भी लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से चढ़ रहे हैं!